नाटक
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धाडिला राम तिने का वनी (१९७७)
कधी भेटेन वनवासी वियोगी
Kadhi Bheten Vanvasi Viyogi
घाई नको बाई अशी
Ghai Nako Baai Ashi
लेऊ कशी वल्कला
Leu Kashi Valkala