| अहंकार माझा
विदेही कराया
धजते ती देवा
वरुनिया ॥ मम जीवज्योति सुता मृत्युहातिं जरि जाई, यश नाहि या सांप्रदाया ॥ |
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| गीत | - | कृष्णाजी प्रभाकर खाडिलकर | ||
| संगीत | - | गंधर्व नाटक मंडळी, हिराबाई बडोदेकर | ||
| स्वर | - | विनायकबुवा पटवर्धन | ||
| नाटक | - | संगीत विद्याहरण (१९१३) | ||
| राग | - | देस (मूळ संहिता) | ||
| ताल | - | झपताल | ||
| चाल | - | ’डिडौ डन वाजे’ | ||
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