| अगा वैकुंठीच्या
राया । अगा विठ्ठल सखया ॥१॥ अगा नारायणा । अगा वासुदेवनंदना ॥२॥ अगा पुंडलिक वरदा । अगा विष्णू तू गोविंदा ॥३॥ अगा रखुमाईच्या कांता । कान्होपात्रा राखी आता ॥४॥ |
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| रचना | - | संत कान्होपात्रा | ||
| संगीत | - | मा. कृष्णराव, विनायकबुवा पटवर्धन | ||
| स्वर | - | श्रीपादराव नेवरेकर | ||
| नाटक | - | संत कान्होपात्रा (१९३१) | ||
| राग | - | भैरवी (मूळ संहिता) | ||
| ताल | - | केरवा | ||
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