| कशि केलीस माझी
दैना मला तुझ्या बिगर करमेना ! घडिभरी माझिया मना, चैन पडेना, झोप येईना, मला तुझ्या बिगर करमेना ! तू राघु तुझी मी मैना माझं रूप बिलोरी ऐना अंगी इष्काचा आजार, करी बेजार, कमति होई ना, मला तुझ्या बिगर करमेना ! तू हकीम होउनि यावे एकांती औषध द्यावे दे चुंबन साखरपाक , मिठीचा लेप, मजसि सजणा, असे मनमोहना, मला तुझ्या बिगर करमेना ! |
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| गीत | - | विद्याधर गोखले | ||
| संगीत | - | नीळकंठ अभ्यंकर | ||
| स्वर | - | कीर्ती शिलेदार | ||
| नाटक | - | संगीत स्वरसम्राज्ञी (१९७२) | ||
| राग | - | यमन (नादवेध) | ||
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