| जीवनात ही घडी
अशीच राहु दे प्रीतिच्या फुलावरी वसंत नाचु दे रंगविले मी मनात चित्र देखणे आवडले वेडीला स्वप्न खेळणे स्वप्नातिल चांदवा जीवास लाभु दे हळुच तुला बघण्याचा छंद आगळा लज्जेचा त्याविण का अर्थ वेगळा स्पर्षातुन अंग अंग धुंद होऊ दे पाहु दे असेच तुला नित्य हासता जाउ दे असाच काळ शब्द झेलता मीलनात प्रेमगीत धन्य होऊ दे |
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| गीत | - | यशवंत देव | ||
| संगीत | - | यशवंत देव | ||
| स्वर | - | लता मंगेशकर | ||
| चित्रपट | - | कामा पुरता मामा (१९६५) | ||
| राग | - | यमन (नादवेध) | ||
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