| चढाओढीने चढवीत
होते ग बाई मी पतंग उडवीत होते होता झकास सुटला वारा वर पतंग अकरा-बारा एकमेकांना अडवित होते ग बाई मी पतंग उडवीत होते काटाकाटीस आला ग रंग हसू फेसाळ घुसळीत अंग दैव हारजीत घडवीत होते ग बाई मी पतंग उडवीत होते माझ्या दोऱ्यानं तुटला दोरा एक पतंग येई माघारा गेला गुंतत गिरवीत गोते ग बाई मी पतंग उडवीत होते |
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| गीत | - | ग. दि. माडगूळकर | ||
| संगीत | - | सुधीर फडके | ||
| स्वर | - | आशा भोसले | ||
| चित्रपट | - | लाखात अशी देखणी (१९७१) | ||
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