| देश हीच माता,
देश जन्मदाता घडो देशसेवा, ऐसी बुद्धी दे अनंता धर्म पंथ नाही आम्हा, जात गोत नाही मुले माणसाची आम्ही, वंश माणसाई मनी आमुच्या ना काही न्यूनता अहंता खुली ज्ञानविज्ञानाची, कलांची कवाडे सुखे लाभ घेऊ त्यांचा, शिकू रोज थोडे उद्या उंच होऊ आम्ही, धरू योग्य पंथा विस्मरू न आम्ही केव्हा ध्येय, देशनिष्ठा नव्या भारताला देऊ जगी या प्रतिष्ठा सर्वसाक्षी सर्वागत तू आम्हा यशोदाता |
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| गीत | - | ग. दि. माडगूळकर | ||
| संगीत | - | श्रीनिवास खळे | ||
| स्वर | - | कृष्णा कल्ले | ||
| चित्रपट | - | जिव्हाळा (१९६८) | ||
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