| नवीन आले साल
आजला उजेड पडला नवा, दिवा लाविते दिवा घरी पाहुणे आले मामा धरणीच्या घरी जसा चंद्रमा अंधाराला येई उजाळा, थंड सुवासिक हवा दिव्या-दिव्यांच्या लावूनी ओळी करिन साजरी आज दिवाळी आकशीही दिवा चढविला, आभाळा दे दुवा लाख दिव्यांनो उजेड फेका अंधाराचा उरो न ठिपका कोना कोना आज उजळु द्या, इडापिडा शांतवा |
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| गीत | - | ग. दि. माडगूळकर | ||
| संगीत | - | वसंत पवार | ||
| स्वर | - | आशा भोसले | ||
| चित्रपट | - | तू सुखी रहा (१९६३) | ||
| राग | - | केदार (संगीत-सरिता) | ||
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