| दळिता कांडिता
। तुज गाईन
अनंता ॥१॥ न विसंबे क्षणभरी । तुझे नाम ग मुरारी ॥२॥ नित्य हाचि कारभार । मुखी हरि निरंतर ॥३॥ मायबाप बंधुबहिणी । तू बा सखा चक्रपाणी ॥४॥ लक्ष लागले चरणासी । म्हणे नामयाची दासी ॥५॥ |
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| रचना | - | संत जनाबाई | ||
| संगीत | - | सुधीर फडके | ||
| स्वर | - | आशा भोसले | ||
| चित्रपट | - | संत जनाबाई (१९४९) | ||
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