| ऐरणिच्या देवा
तुला, ठिणगि
ठिणगि वाहु
दे आभाळागत माया तुजी, आम्हांवरी ऱ्हाउ दे लेउ लेनं गरीबीचं, चनं खाऊ लोकंडाचं जीनं व्होवं अबरुचं, धनी मातुर, माजा देवा, वाघावानी असू दे लक्शिमिच्या हतातली चवरि व्हावी वर खाली इडा पीडा जाइल, आली किरपा तुजी, भात्यांतल्या सुरसंगं गाउ दे ! सूक थोडं, दुक्क भारी, दुनिया ही भली-बुरी घाव बसंल घावावरी, सोसायाला, झुंजायाला, अंगि बळं येउ दे ! |
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| गीत | - | जगदीश खेबुडकर | ||
| संगीत | - | आनंदघन | ||
| स्वर | - | लता मंगेशकर | ||
| चित्रपट | - | साधी माणसं (१९६३) | ||
| राग | - | भूप, नट (नादवेध) | ||
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