| करीन यदुमनि
सदना । रुचिर सदन पति-मन सतीना ॥ अशुभ्र मणीमय भुवन अबलाना । जरी नाथ रमेना ॥ |
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| गीत | - | कृष्णाजी प्रभाकर खाडिलकर | ||
| संगीत | - | भास्करबुवा बखले | ||
| स्वर | - | बालगंधर्व | ||
| नाटक | - | संगीत स्वयंवर (१९१६) | ||
| राग | - | जंगला (मूळ संहिता) | ||
| ताल | - | पंजाबी | ||
| चाल | - | ’काहेरी ननदिया’ | ||
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