| सीमा झाली सोसण्याची,
परी दुःख संपले
नाही करिते जीवनाची भैरवी ! हे काय जीणे नित दुःख पिणे रडता रडता सुख भासविणे नाति फिरली, प्रीती फिरली, माझे कुणी उरले नाही ! मज तार अता, वा मार अता, मन बावरले तनु सावरता ही काय दशा, हे परमेशा, ये धावुनिया लवलाही ! |
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| गीत | - | यशवंत देव | ||
| संगीत | - | यशवंत देव | ||
| स्वर | - | आशा भोसले | ||
| चित्रपट | - | झाले गेले विसरून जा (१९५७) | ||
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