| मल्हारबारी
मोतियाने द्यावी
भरून न्हाई तर द्येवा, द्येवा मी जातो दुरून ओढ लावती अशी जीवाला, गावाकडची माती साद घालती पुन्हा नव्याने ती रक्ताची नाती गड जेजुरीचे आम्ही रहिवासी देवाचा झेंडा वळखला दुरून |
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| गीत | - | शाहीर साबळे | ||
| संगीत | - | अजय, अतुल | ||
| स्वर | - | शाहीर साबळे, अजय | ||
| चित्रपट | - | अगं बाई, अरेच्चा ! (२००४) | ||
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