जयोस्तुते हे उषादेवते
देवि दयावति महन्मंगले

रुचिर-यौवना रूप-सुंदरा
जगन्मोहिनी अरुण-रंजिते

 
 
गीत - विद्याधर गोखले
संगीत - पं. राम मराठे
स्वर - पं. राम मराठे
नाटक - मंदारमाला (१९६३)
राग - देसकार (नादवेध)
ताल - त्रिताल
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