अमुचा भारत देश महान
परदास्याची तुटे शृंखला सरला अंध:कार
नभी तिरंगी निशाण चढले करुया जयजयकार
स्वतंत्र झाली भारतमाता आम्ही तिचे संतान
अमुचा भारत देश महान !
स्वराज्य येथे सुराज्य व्हावे
रामराज्य या भूवर यावे
त्रिखंडात या अखंड राहो अजिंक्य हिदुस्थान
अमुचा भारत देश महान !
या देशाला शिकवून भक्ती
गांधिजींनी केली मुक्ती
राष्ट्रपित्याने दिले अम्हाला चिरंजीव वरदान
अमुचा भारत देश महान !
गरीब कोणी, अमीर कोणी
या मातीला समान दोन्ही
माणुसकीचे पाईक आम्ही, नाही थोर लहान
अमुचा भारत देश महान !
नभी तिरंगी निशाण चढले करुया जयजयकार
स्वतंत्र झाली भारतमाता आम्ही तिचे संतान
अमुचा भारत देश महान !
स्वराज्य येथे सुराज्य व्हावे
रामराज्य या भूवर यावे
त्रिखंडात या अखंड राहो अजिंक्य हिदुस्थान
अमुचा भारत देश महान !
या देशाला शिकवून भक्ती
गांधिजींनी केली मुक्ती
राष्ट्रपित्याने दिले अम्हाला चिरंजीव वरदान
अमुचा भारत देश महान !
गरीब कोणी, अमीर कोणी
या मातीला समान दोन्ही
माणुसकीचे पाईक आम्ही, नाही थोर लहान
अमुचा भारत देश महान !
| गीत | - | जगदीश खेबूडकर |
| संगीत | - | राम-लक्ष्मण |
| स्वर | - | उत्तरा केळकर, महेंद्र कपूर |
| चित्रपट | - | हीच खरी दौलत (१९८०) |


















