चांद माझा हा हासरा
चांद माझा हा हासरा ।
नाचवी कसा प्रेमसागरा ।
प्रीत लहरी ये भरा ॥
गुण कनकाच्या नव कोंदणी गे ।
शोभसी सखे, तू हिरा ॥
नाचवी कसा प्रेमसागरा ।
प्रीत लहरी ये भरा ॥
गुण कनकाच्या नव कोंदणी गे ।
शोभसी सखे, तू हिरा ॥
| गीत | - | नागेश जोशी |
| संगीत | - | छोटा गंधर्व |
| स्वर | - | छोटा गंधर्व |
| नाटक | - | देवमाणूस (१९४४) |


















