पांडुनृपति जनक जया
पांडुनृपति जनक जया । माता कुंती यदुतनया ।
धर्म भीम बांधव जया । नामें विजय जो ॥
अर्पियलें या शरीरा । तया लोकधनुर्धरा ।
न फिरे जरि चराचरा । कंठ चिरियला ॥
धर्म भीम बांधव जया । नामें विजय जो ॥
अर्पियलें या शरीरा । तया लोकधनुर्धरा ।
न फिरे जरि चराचरा । कंठ चिरियला ॥
| गीत | - | अण्णासाहेब किर्लोस्कर |
| संगीत | - | अण्णासाहेब किर्लोस्कर |
| स्वराविष्कार | - | ∙ मालिनी राजूरकर ∙ बालगंधर्व ∙ हिराबाई बडोदेकर ∙ सुहासिनी मुळगांवकर ( गायकांची नावे कुठल्याही विशिष्ट क्रमाने दिलेली नाहीत. ) |
| नाटक | - | सौभद्र |
| राग / आधार राग | - | अरब्बी |
| चाल | - | श्रीसागर नम्मनी |
| गीत प्रकार | - | नाट्यसंगीत |
| तनय | - | पुत्र. (तनया- पुत्री). |
| नृप, नृपति, नृपाळ(ल) | - | राजा. |
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मालिनी राजूरकर