बलमा आये रंगीले
बलमा आये रंगीले
रसीले बादल सावन के
नटखट चंचल नाचे बिजुरिया
गीत खुशीके गाये नदिया
आंचल हरियाला झलके
भीगी भीगी रात में रसिया !
मिठी मिठी किजिये बतियां
कुंज कुंज महके !
रसीले बादल सावन के
नटखट चंचल नाचे बिजुरिया
गीत खुशीके गाये नदिया
आंचल हरियाला झलके
भीगी भीगी रात में रसिया !
मिठी मिठी किजिये बतियां
कुंज कुंज महके !
| गीत | - | विद्याधर गोखले |
| संगीत | - | नीळकंठ अभ्यंकर |
| स्वर | - | कीर्ती शिलेदार |
| नाटक | - | स्वरसम्राज्ञी |
| गीत प्रकार | - | नाट्यसंगीत |
| कुंज | - | वेलींचा मांडव. |
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कीर्ती शिलेदार