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लोळत कच मुखमधुवरि

लोळत कच मुखमधुवरि, त्यासि तोचि कर निवारी ।
भ्रमरयोग कमलभोग, या धर्मा दूर न करि ॥

शिक्षेला कच न पात्र, देवयानि, तूचि शपथ सफल काम ।
नलिनिनाथ दुखवि न वनि कच यापरि ॥
गीत- कृ. प्र. खाडिलकर
संगीत - गंधर्व नाटक मंडळी हिराबाई बडोदेकर
स्वर - विश्वनाथ बागूल
नाटक- संगीत विद्याहरण
राग- पहाडी
ताल-एक्का
चाल-जोबन मदभर चलि आई
गीत प्रकार - नाट्यगीत