बोधा या न काय
बोधा या न काय मन लागे । कृति हे विषमा ।
या प्रेमागमा ॥
बलाबल काल ध्यानि आणुनि ।
वरिली रीति रमणिच्या भ्रमा ॥
या प्रेमागमा ॥
बलाबल काल ध्यानि आणुनि ।
वरिली रीति रमणिच्या भ्रमा ॥
| गीत | - | भा. वि. वरेरकर |
| संगीत | - | वझेबुवा |
| स्वर | - | अनंत दामले |
| नाटक | - | सत्तेचे गुलाम |
| राग / आधार राग | - | बागेश्री |
| ताल | - | त्रिवट |
| चाल | - | लेवो धायेधाये |
| गीत प्रकार | - | नाट्यसंगीत |
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अनंत दामले