दारुणा स्थिती
दारुणा स्थिती । ती जाचि तयांप्रती ॥
प्रियजनपक्षा स्वीकारावें । अंगा स्पर्श रती ॥
प्रतिपक्षातें मिळतां न मिळे न तरी मुख पुढती ॥
प्रियजनपक्षा स्वीकारावें । अंगा स्पर्श रती ॥
प्रतिपक्षातें मिळतां न मिळे न तरी मुख पुढती ॥
| गीत | - | श्रीपाद कृष्ण कोल्हटकर |
| संगीत | - | गंधर्व नाटक मंडळी |
| स्वर | - | आशा खाडिलकर |
| नाटक | - | भावबंधन |
| राग / आधार राग | - | बिहाग |
| ताल | - | त्रिताल |
| गीत प्रकार | - | नाट्यसंगीत |
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आशा खाडिलकर