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हरि ॐ प्रणव ओंकार

हरि ॐ हरि ॐ!
प्रणव ओंकार शिवा
हृदयांत उजळू दे सूर्यदेवा
हरि ॐ हरि ॐ!

स्वरचक्र उलगडे तानांचे
हे बोल खोल मम प्राणांचे
प्रतिभेचा हुंकार नवा
हरि ॐ हरि ॐ!

तिमिरांत सभोंती गगनप्रभा
ज्योतीर्मय त्यातून दिव्य सभा
विलसू दे रुपेरी चंद्रथवा
हरि ॐ हरि ॐ!