A Non-Profit Non-Commercial Public Service Initiative by Alka Vibhas   
जादुगार नयन तुझे

जादुगार नयन तुझे । हिरे गहिरे, झळकती हंसरे ।
लोल गोल नवतेजे ॥

उन्मादक मनमोहक, परि का । चंद्रकांती अति दाहक ।
नजरेतिल ना उमजे ॥
लोल - चंचल / आसक्त.