A Non-Profit Non-Commercial Public Service Initiative by Alka Vibhas   
जय जय दत्तराज माउली

जय जय दत्तराज माउली
जय जय योगिराज माउली

श्रीविधी हरिहर करुणासागर
परब्रह्म परिपूर्ण परात्पर
महाज्ञानी अवधूत दिगंबर भक्तांची साउली

कृष्णा-भीमा चरण क्षाळिती
शीतल वायु ताप वारिती
नारद-तुंबर गाती, रमती, ऋषीमुनी गुरुपाउली

तिन्ही मुखांवर शीतल शांती
शंख-चक्र-गदा-पद्म शोभती
त्रिभुवनत्राता, चिरसुखदाता, समरस हा भूतली
पद्म - कमळ.

 

Print option will come back soon