जीवन दु:खावरी जगी
जीवन दु:खावरी, जगी या मरण हीच औषधी
जीवन हे जहराचा प्याला
काठोकाठ भरुनी प्याला
त्या जीवाला मृत्यू गमला केवळ अमृत-निधी
जीवन हे जहराचा प्याला
काठोकाठ भरुनी प्याला
त्या जीवाला मृत्यू गमला केवळ अमृत-निधी
| गीत | - | विद्याधर गोखले |
| संगीत | - | पं. राम मराठे, प्रभाकर भालेकर |
| स्वर | - | शरद जांभेकर |
| नाटक | - | मदनाची मंजिरी |
| गीत प्रकार | - | नाट्यसंगीत |
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शरद जांभेकर