लढवूं गुरूला रणीं नका
लढवूं गुरूला रणीं नका ॥
बोधामृतासि पसरावयासि व्हावें का बांध नेमका ॥
बोधामृतासि पसरावयासि व्हावें का बांध नेमका ॥
| गीत | - | कृ. प्र. खाडिलकर |
| संगीत | - | भास्करबुवा बखले |
| स्वर | - | बालगंधर्व |
| नाटक | - | द्रौपदी |
| राग / आधार राग | - | जिल्हा |
| ताल | - | खेमटा |
| चाल | - | गुरू दीन दयाळ |
| गीत प्रकार | - | नाट्यसंगीत |
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बालगंधर्व