ऊठ राजसा उठी राजिवा
ऊठ राजसा उठी राजिवा
अरुणोदय झाला
तुझियासाठी पक्षीगणांचा वाजे घुंगुरवाळा
उषा हासरी येई नाचत
रुणुझुणु अपुले पैंजण घुमवित
विंझणवारा ताल देउनी नाचे रे घननीळा
जात्यावरती मंजुळ ओवी
घराघरातुन ऐकु येई
सूर सनईचे मिठी घालुनी वाहती तुज वेल्हाळा
बाल रविचे किरण कोवळे
दुडुदुडु येतील धावत सगळे
करतील गालावरती तुझिया मोरपिसांचा चाळा
अरुणोदय झाला
तुझियासाठी पक्षीगणांचा वाजे घुंगुरवाळा
उषा हासरी येई नाचत
रुणुझुणु अपुले पैंजण घुमवित
विंझणवारा ताल देउनी नाचे रे घननीळा
जात्यावरती मंजुळ ओवी
घराघरातुन ऐकु येई
सूर सनईचे मिठी घालुनी वाहती तुज वेल्हाळा
बाल रविचे किरण कोवळे
दुडुदुडु येतील धावत सगळे
करतील गालावरती तुझिया मोरपिसांचा चाळा
| गीत | - | माधव साखरदंडे |
| संगीत | - | चंद्रशेखर कामेरकर |
| स्वर | - | आशा भोसले |
| गीत प्रकार | - | भावगीत, हे श्यामसुंदर |
| अरुण | - | तांबुस / पिंगट / पहाट, पहाटेचा तांबुस प्रकाश / सूर्यसारथी / सूर्य. |
| उषा | - | पहाट. |
| घुंगुरवाळा | - | घुंगरे लावलेला लहान मुलाच्या पायांतला पैंजण. |
| राजीव | - | कमळ / प्रिय. |
| वेल्हाळ | - | परम प्रीतिपात्र. |
| विंझण | - | पंखा. |
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आशा भोसले