वंदित राधाबाला
वंदित राधाबाला, गोपसख्या घननीळा
श्यामल प्रेमळ नंदकुमार
ब्रह्म सानुले हे साकार
जणू स्वर्गीचे सुम सुकुमार
मोहवी परिमळ हृदया, गोपसख्या घननीळा
करी दुरी पाप हरी, निरसुनि माया
पावन करी जगताला.
श्यामल प्रेमळ नंदकुमार
ब्रह्म सानुले हे साकार
जणू स्वर्गीचे सुम सुकुमार
मोहवी परिमळ हृदया, गोपसख्या घननीळा
करी दुरी पाप हरी, निरसुनि माया
पावन करी जगताला.
| गीत | - | शांताराम आठवले |
| संगीत | - | मास्टर कृष्णराव |
| स्वर | - | शांता आपटे |
| चित्रपट | - | गोपालकृष्ण |
| ताल | - | केरवा |
| गीत प्रकार | - | चित्रगीत, हे श्यामसुंदर |
| निरसणे | - | दूर करणे, नष्ट होणे. |
| सुम | - | फूल. |
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शांता आपटे