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राधे तव रुसवा का

राधे तव रुसवा का गे?
प्रेम-सुधारस मधुर मधुर पी गे!

तव सुखनिधान श्याम गुणवान
तयास तू सनमान दे गे

क्षणभंगुर तारुण्य-कहाणी
अमर प्रीत-वरदान घे गे

 

  कान्होपात्रा किणीकर